Sunday, 1 December 2019

मनहरण घनाक्षरी-छत्तीसगढ़ी

मनहरण घनाक्षरी-श्रीमती आशा आजाद

छत्तीसगढ़ ला जानौ,भाखा मीठ हे मानौ।
गुत्तुर भाखा सबला,अबड़ सुहात जी।
तोर मोर बोली हावै,हँसी ठिठोली हा भावै।
दाई ददा बोलै मा जी,मन मुस्कात हे।
सब जै जोहार बोलैं,मन मधुरस घोलैं,
संस्कार भुइयाँ के जी,मया ला बढ़ात हे।
जुरमिल गोठियावौ,भाखा गीत सब गावौ,
राज के माटी हा जी,भाग चमकात हे।

छंदकार-श्रीमती आशा आजाद
पता-मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़