Monday, 10 May 2021

गीत-लाई ले संसार

गीत - दाई ले संसार


ईश्वर के अवतार दाई हे जिनगी के आधार ।

मया बाँटथे निर्मल मन ले एखर ले संसार ।।


सुघ्घर घर ला राखय दाई सुघ्घर जम्मो काम ।

भाव धरय नित सेवा के ओ दाई चारो धाम ।

पालन पोषण नित करय जी ओखर ले उद्धार ।

ईश्वर के अवतार दाई हे जिनगी के आधार ।।


जीव धरय नौ माह कोख मा मिले जन्म ले नाम ।

दूध धार ले तृप्त करय ओ सत सत हवे प्रणाम ।

जिम्मेदारी सदा निभावय दय सुघ्घर व्यवहार ।

ईश्वर के अवतार दाई हे जिनगी के आधार ।।


घर ममहाथे जइसे तुलसी घर के चारो ओर ।

मया बरोबर दाई बाँटथे नाता रखे बटोर ।

अपन ज्ञान ले करथे दाई घर ला नित अंजोर ।

ईश्वर के अवतार दाई हे जिनगी के आधार ।।


कलयुग मा बस एक दाई हे बाँटय मया समान ।

करुणा के मूरत कहलावै राखय सुघ्घर ज्ञान ।

करम धरम ले मुख नइ मोड़िस कतको होवय भार ।

ईश्वर के अवतार दाई हे जिनगी के आधार ।।




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