भारत सुग्घर देश हवय जी,भ्रूण नाश हत्या रोकौ।
बेटी के सब मान रखौ जी,दोष बिना झन ता झोकौ।।
बेटी सुग्घर घर ला राखय,मान सबो के जाने जी।
घर के उजियारा सब कहिथे ,जम्मो नाता माने जी।।
भ्रूण नाश जी करत हवय सब,बेटा लालच जाने हे।
पोसत हावय आज देख ले,बेटी सबझन माने हे।।
जुग बदलिस अब सोच बदल गे,वंश एक अपनाथे गा।
बेटी दू ठन रखय शान ले,बेटी गुन बस गाथे गा।।
नेक सोच के रद्दा थामव,बेटी ला अपने जानौ।
पालन पोषण सुग्घर देदव,समता बेटा के मानौ।।
भ्रूण नाश ला मिलके रोकव,बेटी गुन समझावौ गा।
देख घटत हावय जनसंख्या,बेटी आज बचावौ गा।।
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