कूड़ा कचरा काहे राखौ,साफ रखव घर द्वार।
बीमारी झन हो कोनो ला,स्वस्थ रहे परिवार।।
कूड़ादान मा कचरा डालँव,रख झन रद्दा तीर।
नइ होवय हैजा मलेरिया,रहिथे स्वस्थ शरीर।।
गरवा कोठा दुरिहाँ राखौ,नहलाना नित जान।
सुग्घर जम्मो दवई छिड़कौ,पशु के देवव ध्यान।।
शौचालय ला दुरिहा राखौ,बीमारी नइ आय।
दवा छिड़क ले समय-समय मा,सबला ये समझाय।।
खेत खार मा शौच करव झन,बड़ बिमारी होय।
बीमारी हा घुस जाथे जी,दमा होय मा रोय।।
गंदा पानी झन पीयव जी,आंत करे नुकसान।
बीमारी हा कतक पेट के ,रहिथन हम अनजान।।
जूठा बरतन तुरते माँजौ,खाये जेमा भात।
सुग्घर तन-मन रोज राखके,स्वस्थ रहव दिन रात।।
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