नारी हावय मान देश के,नमन सबो झन करलौ।
नारी मनके दिवस आज हे,चरन आज सब धरलौ।।
जीवन सबला देत हवय जी,जतन कोख ले करथे।
पीरा जम्मो ला सब सहिथे,नवा जीव ला धरथे।।
दाई बहिनी दीदी कहिथे,कहय जगत महतारी।
विपदा कतको रहय बड़े जी,दुख मिट जाथे भारी।।
झाँसी के रानी ला देखे,अब्बड़ साहस जागे।
धरे तलवार सबला मारिस,दुश्मन देखे भागे।।
दीन-दुखी के सेवा करके,अइसे माँ हे दानी।
हवे मदर टेरेसा सुन लव ,सुरता रहिथे बानी।
बनिस इदिरा गाँधी मंत्री,देश चलाइस अइसे।
नारी ला सम्मान दिलाइस,नेता महान जइसे।।
नारी के सम्मान अबड़ हे,अब्बड़ कथा कहानी।
भारत के गउरव हा बाढ़िस,होवत जगत बखानी।।
सबला जिनगी दान देय हे,बेटी दाई जानौ।
चरन पखारौ नारी मनके,देवी रुप ला मानौ।।
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