करिया घटा ला देख के,मन हा अबड़ मुस्काय गा।
गिरही जभे पानी सुनव,मन भीगते ललचाय गा।।
गिरही झिमिर पानी सुनौ,बदरा अबड़ सुन लाय हे।
संगी अगोरत जात हे,बदरा अबड़ तरसाय हे।।
पहली सुनौ पानी पड़े,माटी अबड़ ममहाय हे।
महकत हवय माटी सुनौ,मन चाटते हो जाय हे।।
पहली गिरे पानी लगय,मन झूमते इठलाय गा।
नाचत रहय मन बावरा,मुखड़ा सबो खिल जाय गा।।
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