Sunday, 5 August 2018

हरिगीतिका छंद...फैसन बने हे फोन गा

फैसन बने हे फोन गा,दिनभर करे हे बात जी।
घूमत हवय बतियात हे,देखय नही दिन रात जी।।
चेटिंग करे दिनभर धरे,मेसेज सब कतका करे।
महिला धरे सब देखलौ,घर मा सुनौ सब्जी जरे।।

चुपचाप सब मुस्कात हे,हीं हीं सबो दिनभर करे।
सब चेट मा बतियात हे,पुस्तक घलो नइ ता धरे।।
फोकट समय बरबाद कर,लिखना पढ़े ला भूल गे।
जिनगी अपन समझे नही,सुन फोन के का मूल हे।।

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