मनहरण घनाक्षरी-श्रीमती आशा आजाद
छत्तीसगढ़ ला जानौ,भाखा मीठ हे मानौ।
गुत्तुर भाखा सबला,अबड़ सुहात जी।
तोर मोर बोली हावै,हँसी ठिठोली हा भावै।
दाई ददा बोलै मा जी,मन मुस्कात हे।
सब जै जोहार बोलैं,मन मधुरस घोलैं,
संस्कार भुइयाँ के जी,मया ला बढ़ात हे।
जुरमिल गोठियावौ,भाखा गीत सब गावौ,
राज के माटी हा जी,भाग चमकात हे।
छंदकार-श्रीमती आशा आजाद
पता-मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़
Monday, 2 November 2020
त्रिभंगी छंद लक्ष्मण मस्तुरिया
त्रिभंगी छंद - श्रीमती आशा आजाद
लक्ष्मण मस्तुरिया,गीत रचइया,देश राज सब,छोड़ दिये।
सुग्घर सब बानी,अमिट कहानी,सुग्घर तँय हा,राज किये।
अमरित ला छोड़े,मुख ला मोड़े,रोवत सबला,छोड़ चले।
हिरदे हा रोवय,हीरा खोवय,तोर जाय ले,दिल ह जले।।
छंदकार-श्रीमती आशा आजाद
पता-मानिकपुर,कोरबा,छत्तीसगढ़
Subscribe to:
Comments (Atom)
-
गीत - दाई ले संसार ईश्वर के अवतार दाई हे जिनगी के आधार । मया बाँटथे निर्मल मन ले एखर ले संसार ।। सुघ्घर घर ला राखय दाई सुघ्घर जम्मो काम । भा...
-
त्रिभंगी छंद - श्रीमती आशा आजाद लक्ष्मण मस्तुरिया,गीत रचइया,देश राज सब,छोड़ दिये। सुग्घर सब बानी,अमिट कहानी,सुग्घर तँय हा,राज किये। अमरित ला...
-
विधाता छंद 122×4 जिहाँ कलकल बहय नदियाँँ,उही हा राज हमर हावै। जिहाँ हे मीठ रस भाखा,उही हा मान हमर हावै, कहयँ छत्तीसगढ़ माटी,बड़ा ममहात राहय जी,...