Tuesday, 1 December 2020

दोहा-छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस

दोहावली - आशा आजाद"कृति


छत्तीसगढ़ राजभाखा दिवस


आज राजभाखा दिवस ,छत्तीसगढ़ म जान ।

भाखा सुघ्घर नेक हे , हमर राज के सान ।


हमर राज के ध्येय हे , होवय भाखा पोठ ।

मनखे मनखे बोल लय, सुघ्घर गुत्तुर गोठ ।।


जन जन के हिरदे बसे , छत्तीसगढ़ी बोल ।

समझौ मनखे बात ला , भाखा हे अनमोल ।।


देवौ सब सम्मान जी , सुघ्घर नित बगराव ।

हिरदे ले बोलौ सबो, राखौ सबो लगाव ।।


काहे सरमावत हवौ ,  बोले बर ए बोल ।

भाखा सुघ्घर नीक हे , अंतस रस दव घोल ।।


जनमभूमि हा हे इही , इहे करे हम कर्म ।

करमभूमि बर काज कर , सुघर निभावौ धर्म ।।


झन भूलौ उपकार ला , सुघर हमर हे राज ।

भाखा मा संदेव दव , करौ राज बर काज ।।


छंदकार- आशा आजाद"कृति"प

ता - मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़




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