दोहा मुक्तक - श्रीमती आशा आजाद
मकर संक्रांति आय हे,जुरमिल जावौ आज,
बड़े बिहनिया स्नान कर,करदौ दान अनाज,
शुभ मंगल के दिन हवे,जम्मो कहय सियान,
अरपन जल ला जे करे,पूरा होथे काज।।
तिलकुट बनथे आज जी,गुण के सब पकवान।
मीठा तिल के लाड़ू जी,अबड़ बने मिष्ठान,
पतंगबाजी सब करे,खुशी मनावत संग,
आज अबड़ जी सान ले,दयँ गुड़ तिल के दान ।।
रहिथे अब्बड़ स्वाद जी,मूँगफली गुड़ के संग,
चारो कोती मखर के,छाये रहिथे रंग,
नवा फसल बर देव ला,सुमिरय बारंबार,
रंग बिरंगा देख लव,उड़थे सुघर पतंग।
नेपाली मनखे कहे,सुरुज मकर के सार,
कहय पंजाब लोहड़ी,माघी हे संस्कार,
तमिलनाडु कहिथे सुघर,पोंगल हावै नाम,
सुग्घर खिचरी राँध के,बाटय प्रेम अपार।।
सुरुज देव किरपा करौ,इही करय गोहार,
सुग्घर घर परिवार मा,सबके हो उद्धार,
सबझन बाँटय आज तो,मीठा गुड़ पकवान,
खुशियाँ सबला बाँट के,दयँ सुग्घर व्यवहार।।
छंद - श्रीमती आशा आजाद
पता - मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़
Wednesday, 15 January 2020
Saturday, 11 January 2020
कुकुभ छंद गीत-श्रीमती आशा आजाद
कुकुभ छंद गीत-श्रीमती आशा आजाद
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,वीर नरायण कहलावै।
सच्चा सेनानी ओ राहिन,भारत मा गुन ला गावै।।
अंग्रेज़ी सासन ले जूझिन,अबड़ रहिन जी ओ दानी।
कुर्रूपाट मा जनम लिहिन जी,करिन देश बर अगवानी।।
बिंझवार परिवार के बेटा,आज माथ ला चमकावै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,वीर नरायण कहलावै।।
नरभक्षी ओ शेर ल मारिन,ओखर पढ़लौ सब गाथा ।
अमर वीर के कुर्बानी ले,भारत के चमकिस माथा।
डरिस नही अंतस मन ले ओ,साहस सबके मन भावै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,वीर नरायण कहलावै।।
बहादुरी के अब्बड़ किस्सा,देश प्रेम अउ कुर्बानी।
ब्रिटिश राज हा मान बढ़ाइस,पदवी दिन आनी बानी।
जयस्तंभ के चौक म फाँसी,तोप तान के उड़वावै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,वीर नरायण कहलावै।।
बनिन स्वतंत्रता संग्रामी,याद रही ये बलिदानी।
छत्तीसगढ़ म अमर नाव हे,आज दिवस ला सब मानी।
हिरदे ले परनाम करौ जी,अइसन हीरा नइ आवै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,वीर नरायण कहलावै।।
छंदकार-श्रीमती आशा आजाद
पता-मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,वीर नरायण कहलावै।
सच्चा सेनानी ओ राहिन,भारत मा गुन ला गावै।।
अंग्रेज़ी सासन ले जूझिन,अबड़ रहिन जी ओ दानी।
कुर्रूपाट मा जनम लिहिन जी,करिन देश बर अगवानी।।
बिंझवार परिवार के बेटा,आज माथ ला चमकावै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,वीर नरायण कहलावै।।
नरभक्षी ओ शेर ल मारिन,ओखर पढ़लौ सब गाथा ।
अमर वीर के कुर्बानी ले,भारत के चमकिस माथा।
डरिस नही अंतस मन ले ओ,साहस सबके मन भावै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,वीर नरायण कहलावै।।
बहादुरी के अब्बड़ किस्सा,देश प्रेम अउ कुर्बानी।
ब्रिटिश राज हा मान बढ़ाइस,पदवी दिन आनी बानी।
जयस्तंभ के चौक म फाँसी,तोप तान के उड़वावै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,वीर नरायण कहलावै।।
बनिन स्वतंत्रता संग्रामी,याद रही ये बलिदानी।
छत्तीसगढ़ म अमर नाव हे,आज दिवस ला सब मानी।
हिरदे ले परनाम करौ जी,अइसन हीरा नइ आवै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,वीर नरायण कहलावै।।
छंदकार-श्रीमती आशा आजाद
पता-मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़
Friday, 10 January 2020
सरसी छंद गीत-श्रीमती आशा आजाद
सरसी छंद गीत-श्रीमती आशा आजाद
ए भुइयाँ मा देव सही हे,सुनलौ हमर किसान।
भूख प्यास के ये मिटोइयाँ,धरती के भगवान।।
मिहनत करके देवय हमला,भरय अन्न भंडार।
उपजावत हे साग अन्न ला,एखर ले संसार।
घर बइठे हम भोजन पाथन,इही हवय जी सान।
ए भुइयाँ मा देव सही हे,सुनलौ हमर किसान।।
आज बड़ा व्याकुल हे जानौ,दुख हा बड़ तड़पाय।
करजा मा बुड़गे हावय जी,पीरा नही मिटाय।
चुप बइठे सरकार आज तो,तँग खेती ले मान।।
ए भुइयाँ मा देव सही हे,सुनलौ हमर किसान।।
करजा जब अब्बड़ हो जाथे,बेचत हावय खेत।
फाँसी मा झूलत हावय सब,तभो करै नइ चेत।
भूख प्यास ले निसदिन मानौ,छूटत इँखर परान।
ए भुइयाँ मा देव सही हे,सुनलौ हमर किसान।।
काला बेचय काला खाये,नही किसानी मोल।
हरलौ दुख पीरा ला जम्मो,सुनलौ सबके बोल।
सुखी रहय जम्मो किसान मन,दयँ इनला सम्मान।
ए भुइयाँ मा देव सही हे,सुनलौ हमर किसान।।
छंदकार-श्रीमती आशा आजाद
पता मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़
छंद पकैया छंद-श्रीमती आशा आजाद
छंद पकैया छंद-श्रीमती आशा आजाद
छन्न पकैया छन्न पकैया, खेती सुग्घर करलौ।
नव हे वैज्ञानिक तकनीकी,ध्यान सबो झन धरलौ।।
छन्न पकैया छन्न पकैया,सुग्घर ध्यान लगावौ।
नव नव तकनीकी ले सबझन,उन्नत फसल उगावौ।।
छन्न पकैया छन्न पकैया,जैविक खाद ल डालौ।
लाभ कमावौ सबझन बढ़ियाँ,जिनगी सफल बनालौ।।
छन्न पकैया छन्न पकैया,मछली पालन करलौ।
नव तकनीकी ले पालन कर,रोजगार नव धरलौ।।
छन्न पकैया छन्न पकैया,उन्नत बीज ल लावौ।
खेती कर उत्तम बीजा ले,खुशहाली ला पावौ।।
छन्न पकैया छन्न पकैया,ड्रिप विधि ला अपनावौ।
नव साधन ले करौ सिंचाई,उन्नत फसल ल पावौ।।
छन्न पकैया छन्न पकैया,लाभ योजना देही।
खेती हे जिनगी किसान के,ब्याज बैंक कम लेही।।
छन्न पकैया छन्न पकैया,सबले बढ़के खेती।
आशा सुग्घर बात बतावै,निक खेती के सेती।।
छंदकार-श्रीमती आशा आजाद
पता-मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़
मुक्तक छंद-श्रीमती आशा आजाद
मुक्तक छंद-श्रीमती आशा आजाद
नवा बछर
नवा बछर के बेरा आगे,आज सबो मिलजुल गावौ,
भाईचारा हिरदे रखलौ,समता ला सब बगरावौ,
सुग्घर भाखा सदा बोल हो,अइसन मन मा सब ठानौ,
समता के सब पाठ पढ़ौ जी,मानवता ला अपनावौ।।
मात पिता के सेवा करबो ,मन मा समझन ये ठानौ,
नाता भाई बहिनी के जी,हिरदे ले सबझन मानौ,
दीन दुखी के सेवा ले जी,पुन्य सदा घर मा आही,
विपदा सबके दूर भगावौ,कष्ट सबो के पहिचानौ।।
हिरदे मा सम्मान रखौ जी,जग के हावय महतारी,
नारी के हिम्मत बन जावौ,नइ हे अबला बेचारी,
ए कलजुग मा नेक सोच ले,फैलावौ सब उजियारा,
लाज बचाबो सब नारी के,समझौ ये जिम्मेदारी।।
नवा बछर मा नवा सोच हा,सबके हिरदे ला भावै,
मीठ मया के होवय भाखा,अइसन गीत ल सब गावै,
सदा ज्ञान ला जुरमिल बाटौ,सबो मिटावौ अँधियारा,
मार पीट अउ खून खराबा,द्वेष सबो हा मिट जावै।।
छंदकार-श्रीमती आशा आजाद
पता-मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़
सरसी छंद गीत-श्रीमती आशा आजाद
सरसी छंद गीत-श्रीमती आशा आजाद
मान हमर सावित्रीबाई,याद रखौ ये बात।
प्रथम शिक्षिका ओ कहलाइन,सुग्घर दिन सौगात।।
पति ज्योतिबा फुले जी राहिन,सुग्घर गुण के खान,
अपन ज्ञान जग मा बगराके,करिन देश उत्थान,
नेक ज्ञान ला सुग्घर बगराइन,दिन देखिन ना रात,
मान हमर सावित्रीबाई,याद रखौ ये बात।
दलित जाति ला शिक्षित करना,इही रहिस बस कर्म,
महिला मन ला ज्ञान बाँटना,समझिस अपने धर्म,
कष्ट अबड़ झेलिस जी सुनलौ,अबड़ करिन जी घात,
मान हमर सावित्रीबाई,याद रखौ ये बात।
अबड़ विरोधी मनखे राहिन,विपदा के बौछार,
हिम्मत ले ओ महानायिका,बनिस सत्य के सार,
वर्तमान मा अब्बड़ बढ़गे,शिक्षा के अनुपात,
मान हमर सावित्रीबाई,याद रखौ ये बात।
छंदकार-श्रीमती आशा आजाद
पता-मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़
कुकुभ छंद गीत-श्रीमती आशा आजाद
कुकुभ छंद गीत-श्रीमती आशा आजाद
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,गुरुघासीदास कहावै।
सच्चा मनखे उनमन राहिन,उँखर ज्ञान ला जग गावै।।
समता के नित पाठ पढ़ायिन,अबड़ रहिन जी ओ ज्ञानी।
गिरौधपुरी म जनम लिहिन जी,नेक संदेश के बानी।।
मंहगूदास के राहिन बेटा,अमरौतिन माँ कहलावै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,गुरुघासीदास कहावै।।
जात पात के घोर विरोधी,ओखर पढ़लौ सब गाथा ।
छत्तीसगढ़ म जनम लिये ले,आज अबड़ चमकिस माथा।
डरिस नही अंतस मन ले ओ,साहस सबके मन भावै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,गुरुघासीदास कहावै।।
बहादुरी के अब्बड़ किस्सा,जप तप ले बनगे ज्ञानी ।
सत्य प्रेम ला मन म जगाइन,सत्य नाम अमरित बानी।
समता के उजियारा करके,अंतस मन जोत जलावै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,गुरुघासीदास कहावै।।
छूआछूत ल दूर भगाइन,सरल साधारन ओ प्रानी।
छत्तीसगढ़ म अमर नाव हे,आज दिवस ला सब मानी।
हिरदे ले परनाम करौ जी,अइसन हीरा नइ आवै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,वीर नरायण कहलावै।।
छंदकार-श्रीमती आशा आजाद
पता-मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़
कुकुभ छंद गीत - श्रीमती आशा आजाद
कुकुभ छंद गीत - श्रीमती आशा आजाद
छत्तीसगढ़ म धान भरे हे,माटी अब्बड़ ममहावै।
छेरछेरा के तिहार आये,जुरमिल सब खुशी मनावै।।
सबो किसनहा अंतस मन ले,आज सुनौ झूमत हावै,
धान पान भंडार भरे हे,मनखे अब्बड़ मुसकावै,
पूजत हे अन्न धान ला सबझन,गुत्तुर भाखा मन भावै,
छत्तीसगढ़ म धान भरे हे,माटी अब्बड़ ममहावै।
अबड़ बने पकवान सुनौ जी,बरा बोबरा अउ चीला,
खुशी मनावत नाचत हावै,हँसी ठिठोली के लीला,
अन्न दान ला शुभ मानै जी,अन्न दान हा मन भावै,
छत्तीसगढ़ म धान भरे हे,माटी अब्बड़ ममहावै।
पौष माह के करय अगोरा,फोरय मुर्रा अउ लाई,
नवा फसल के करे कटाई,करय मिसाई सब भाई,
फरा बनावय चाउँर के जी,अबड़ मजा ले सब खावै,
छत्तीसगढ़ म धान भरे हे,माटी अब्बड़ ममहावै।
गाँव गली मा अबड़ सान ले,लइका मन भागत जाये,
छेरछेरा मा धान सबो ला,हेरहेरा ये चिल्लाये,
हमर राज मा पावन मानै,नेक परब समता लावै,
छत्तीसगढ़ म धान भरे हे,माटी हा बड़ ममहावै।
छंदकार - श्रीमती आशा आजाद
पता - मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़
कुकुभ छंद गीत-श्रीमती आशा आजाद
कुकुभ छंद गीत-श्रीमती आशा आजाद
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,गुरुघासीदास कहावै।
सच्चा मनखे उनमन राहिन,उँखर ज्ञान ला जग गावै।।
समता के नित पाठ पढ़ायिन,अबड़ रहिन जी ओ ज्ञानी।
गिरौधपुरी म जनम लिहिन जी,नेक संदेश के बानी।।
मंहगूदास के राहिन बेटा,अमरौतिन माँ कहलावै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,गुरुघासीदास कहावै।।
जात पात के घोर विरोधी,ओखर पढ़लौ सब गाथा ।
छत्तीसगढ़ म जनम लिये ले,आज अबड़ चमकिस माथा।
डरिस नही अंतस मन ले ओ,साहस सबके मन भावै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,गुरुघासीदास कहावै।।
बहादुरी के अब्बड़ किस्सा,जप तप ले बनगे ज्ञानी ।
सत्य प्रेम ला मन म जगाइन,सत्य नाम अमरित बानी।
समता के उजियारा करके,अंतस मन जोत जलावै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,गुरुघासीदास कहावै।।
छूआछूत ल दूर भगाइन,सरल साधारन ओ प्रानी।
छत्तीसगढ़ म अमर नाव हे,आज दिवस ला सब मानी।
हिरदे ले परनाम करौ जी,अइसन हीरा नइ आवै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,वीर नरायण कहलावै।।
छंदकार-श्रीमती आशा आजाद
पता-मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़
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