कुकुभ छंद गीत-श्रीमती आशा आजाद
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,गुरुघासीदास कहावै।
सच्चा मनखे उनमन राहिन,उँखर ज्ञान ला जग गावै।।
समता के नित पाठ पढ़ायिन,अबड़ रहिन जी ओ ज्ञानी।
गिरौधपुरी म जनम लिहिन जी,नेक संदेश के बानी।।
मंहगूदास के राहिन बेटा,अमरौतिन माँ कहलावै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,गुरुघासीदास कहावै।।
जात पात के घोर विरोधी,ओखर पढ़लौ सब गाथा ।
छत्तीसगढ़ म जनम लिये ले,आज अबड़ चमकिस माथा।
डरिस नही अंतस मन ले ओ,साहस सबके मन भावै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,गुरुघासीदास कहावै।।
बहादुरी के अब्बड़ किस्सा,जप तप ले बनगे ज्ञानी ।
सत्य प्रेम ला मन म जगाइन,सत्य नाम अमरित बानी।
समता के उजियारा करके,अंतस मन जोत जलावै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,गुरुघासीदास कहावै।।
छूआछूत ल दूर भगाइन,सरल साधारन ओ प्रानी।
छत्तीसगढ़ म अमर नाव हे,आज दिवस ला सब मानी।
हिरदे ले परनाम करौ जी,अइसन हीरा नइ आवै।
छत्तीसगढ़ म जनमिस हीरा,वीर नरायण कहलावै।।
छंदकार-श्रीमती आशा आजाद
पता-मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़
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