हमर देश के जवान*
भारत हावय देश हमर जी,करें सुरक्षा बढ़थे मान।
सैनिक हावय मान हमर जी,इही बचावय सबके जान।।
फौजी बनके सेवा करथे,भारत भुइयाँ हवे महान।
दुश्मन ले लड़ जाथे ओमन,हमर देश के हावै शान।।
भारत के सीमा मा ठाड़े ,रात रात भर जागय जान।
नमन सबो झन इनला करलव,हावय देखौ सब बलवान।।
अपन खून ला बहा देय गा,लोहा लेथे अब्बड़ मान।
दिन देखय नइ रतिहा देखय,दे देथे जी अपने जान।।
भारत के झण्डा ला धरके,दुश्मन ला जी मार गिराय।
रखवाली सुन करय हमर गा,देख माथ सबके झुक जाय।।
अबड़ बहादुर हावय देखव,हमर देश के सबो जवान।
दुश्मन देखे थर-थर काँपै,ओखर करलौ सब गुनगान।।
मार गिरावाय हिम्मत ले वो,करें सामना बिन हथियार।
दुश्मन भागे देख फौज ला,सैनिक करथें सब उद्धार।।
बुरी नजर जे राखय सुनले,ओखर करथे गा संहार।
धर-धरके ओ मार गिराये,सैनिक के होथे ललकार।।
रचनाकार-श्रीमति आशा आजाद
पता-एसइसीएल मानिकपुर कोरबा, छत्तीसगढ़
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