Friday, 27 March 2020

शंकर छंद


शंकर छंद-श्रीमती आशा आजाद

मस्तुरिया जी सान राज के,हमर हे अभिमान।
सुग्घर जन उद्धार करिन जी,गीत के रसखान।।
जन जन ला संदेश दिहिन जी,नेक अमरित बोल।
ए भुइयाँ के हीरा हावै,कर्म हे अनमोल।।

संग चलव रे गीत ल गाके,दिहिन जी संदेश।
दीन दुखी के संग चलव रे,मिटे जम्मो क्लेश।।
छत्तीसगढ़ म सोना जइसे,अमिट हे पहिचान।
मस्तुरिया जी अंतस मन ले,नेक निक इंसान।।

आशा आस्था उमंग साहस,युवा गीत ह बोल।
छत्तीसगढ़ी भाखा बोलिन,ज्ञान बड़ अनमोल।।
चंदैनी गोंदा मा कह दिन,हे अधार किसान।
मस्तुरिया जी प्रेम भाव के,रचिन गीत सुजान।।

गिरे थके के रहिन सहारा,कला के भरमार।
धन्य भाग ए भुइयाँ के जी,मिलिस ये अवतार।।
छत्तीसगढ़ी ला पोठ बनाके,बनिन हे अभिमान।
मस्तुरिया जी लाइन सुमता,सुघर लेखन ज्ञान।।

हमर राज के नेक धरोहर,कंठ मधुर मिठास।
जन जन मनखे मन मा भरदिन,अंतस म विश्वास।।
छत्तीसगढ़ी लेखन धारा,अमिट हे सम्मान।
मस्तुरिया जी हिरदे बसके,अपन छोड़िन प्रान।।

छंदकार-श्रीमती आशा आजाद
पता-मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़

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