Monday, 2 November 2020

मनहरण घनाक्षरी छत्तीसगढ़

मनहरण घनाक्षरी-श्रीमती आशा आजाद

छत्तीसगढ़ ला जानौ,भाखा मीठ हे मानौ।
गुत्तुर भाखा सबला,अबड़ सुहात जी।
तोर मोर बोली हावै,हँसी ठिठोली हा भावै।
दाई ददा बोलै मा जी,मन मुस्कात हे।
सब जै जोहार बोलैं,मन मधुरस घोलैं,
संस्कार भुइयाँ के जी,मया ला बढ़ात हे।
जुरमिल गोठियावौ,भाखा गीत सब गावौ,
राज के माटी हा जी,भाग चमकात हे।

छंदकार-श्रीमती आशा आजाद
पता-मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़

त्रिभंगी छंद लक्ष्मण मस्तुरिया

 त्रिभंगी छंद - श्रीमती आशा आजाद

लक्ष्मण मस्तुरिया,गीत रचइया,देश राज सब,छोड़ दिये।
सुग्घर सब बानी,अमिट कहानी,सुग्घर तँय हा,राज किये।
अमरित ला छोड़े,मुख ला मोड़े,रोवत सबला,छोड़ चले।
हिरदे हा रोवय,हीरा खोवय,तोर जाय ले,दिल ह जले।।

छंदकार-श्रीमती आशा आजाद
पता-मानिकपुर,कोरबा,छत्तीसगढ़

Monday, 17 August 2020

सरसी छंद-रामलला के संदेश

गीत-रामलला के संदेश

अवधपुरी मा रामलला के,मंदिर के निर्माण।
अंतर मन ले श्रेष्ठ बनौ जी,होही जग कल्याण।।

प्रेम भाव ला हिरदे राखौ,कहिथे जी श्रीराम।
मानवता के राह चलौ सब,करलौ जग मा नाम।
द्वेष कपट के भाव त्याग दव,कहिथे वेद पुराण।
अंतर मन ले श्रेष्ठ बनौ जी,होही जग कल्याण।।

दीन दुखी के सेवा करबो,इही बनालौ ध्येय।
धर्म निभाके ए भुइयाँ मा,मनुज बनय उपमेय।
राम नाम के अनुपम वाणी,मन मा फूँकय प्राण।
अंतर मन ले श्रेष्ठ बनौ जी,होही जग कल्याण।।।।

लोभ मोह छिन भर के मानुष,रखौ बात के ध्यान।
मिहनत करना हे जिनगी मा,श्रेष्ठ इही हे ज्ञान।
कर्म सुघर होही तब मिलही,मनखे ला निर्वाण।
अंतर मन ले श्रेष्ठ बनौ जी,होही जग कल्याण।।

रचनाकार-आशा आजाद
पता-मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़


कुकुभ छंद-शहीद मन के कुर्बानी

कुकुभ छंद - आशा आजाद

शहीद मन के कुर्बानी

देश प्रेम हा लहू लहू मा,दिहिन देश बर कुरबानी।
हिंदुस्तान के आजादी मा,याद रही सब बलिदानी।।

मंगल पांडे खूब लड़िस जी,सच्चा ओ क्रांतीकारी।
स्वतंत्रता संग्रामी बनके,होगे दुश्मन बर भारी।।

बिस्मिल के साहस ला जानौ,धूल ब्रिटिश ला चटाये हे।
तीस साल के उमर रहिस तब ,मरके फरज निभाये हे।।

खुदीराम के साहस बढ़के,जोश अबड़ राखै भारी।
सरकारी दफ्दर मा करदिस,बम के ओ गोला बारी।।

वीर भगत सुखदेव शूर अउ,राजगुरू हे संग्रामी।
अशफाई उल्लाह खान ला,कहिथे सच्चा सेनानी।।

वीर चन्द्रशेखर के साहस,कांड करिस ओ काकोरी।
घायल हो गिस लड़ते लड़ते,छुटिस सांस के तब डोरी।।

कहय लाजपत जेला सबझन,सच्चा ओ क्रांतिकारी।
नाव उधम सिंह साहस रखके,खूब करिस जी बम बारी।।

छंदकार - आशा आजाद
पता - 

गद्य-हमर स्वतंत्रता सेनानी

आज स्वतंत्रता दिवस के दिन भारत ला आजादी दिलाने वाला मतवाला,सच्चा सेनानी मन ला याद करत हावन जेखर कुरबानी ले भारतीय मन ला मुक्ति मिलिस हे।

1-मंगल पांडेय-मंगल पांडेय घलो एक क्रांतिकारी रहिस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के पहिली नायक रहिन।जेखर विद्रोह के चिंगारी ले पूरा उत्तर भारत ला आग के शोला मा बदल दिये रहिस,दिल्ली मा चारो मुड़ा लाश बिछे रहिस।अंग्रेज मन अब्बड़ डर गे रिहिन अउ इही डर के कारन ओला रातो रात 8-अप्रैल 19 1857 के फाँसी मा लटका दिहिन।अंग्रेजी सासन के दमनकारी कानून एखर लिए बनाइन के कोनो अब मंगल पांडेय झन पैदा होय।

2-खुदी राम बोस-सबले नौजवान स्वतंत्रता सेनानी रहिस।स्वतंत्रता के लड़ाई के शुरुआत मा ही कूद पड़िस,बचपन ले ही देश भक्ति के भावना मा स्कूल मा अपन गुरुजी ले पिस्तौल मांग लिहिस जेखर ले मै अंग्रेज मन ला मार सकौ।16 साल मा ही ओहा पास के पुलिस स्टेशन ला बम ले उड़ा दिहिस।ए जुरुम बर 18 अगस्त 1908 के ओला अंग्रेजी सासन हा फाँसी मा चढ़ा दिहिस,ओ बखत ओ 18 साल आठ महिना के रहिस।

3-रामप्रसाद बिस्मिल
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के क्रांतिकारी धारा के एक प्रमुख सेनानी रहिस,जेला ब्रिटिश शासन के विरोध करे बर तीस साल के उमर मा 1927 के ओला फाँसी मा चढ़ा दिये गिस।राम प्रसाद बास्मिल हा काकोरी कांड ला अंजाम दिये रहिस।

4-अशफाक उल्लाह खान
भारतीय स्वतंत्रता संग्रामी के एक प्रमुख सेनानी रहिस।ओला काकोरी कांड मा बहु बड़े भूमिका निभाये के खातिर ओखर उपर अभियोग चलाइन अउ 19 सितंबर 1927 के ओला फैजाबाद जेल मा फाँसी चढ़ा दिन।

5-लाला लाजपत राय
लाला जी पंजाब केसरी के नाव ले प्रसिद्ध रहिस।भारतीय जसनल काग्रेस के लाला लाजपत राय "लाल-बाल-पाल"के तिगड़ी मा सामिल रहिस।ए तीनो झन काग्रेस के प्रमुख नेता रहिन।1914 मा इन मन ब्रिटेन अउ भारत के हालचाल ला बताये गये रहिन फेर विश्व युद्ध के कारन ले वापिस लहुटे नइ सकिन।1920 मा जब भारत आइन त जलियाँवाला बाग हत्याकांड होय रहिस ओखर विरोध मा जंग छेड़ दिहिन। ए बीच मा अंग्रेज उपर लाठी चार्ज कर दिहिन ओखर बाद अंग्रेज मन के अतियाचार ले ओ घायल हो गिस अउ लाला लाजपत राय के 17 नवंबर 1928 के मउत होगे।

5-चन्द्र शेखर आजाद
1921 मा बनारस के सत्याग्रह आंदोलन के दमन हा ओखर जिनगी बदल दिहिस।1922 मा गाँधी जी द्वारा असहयोग आंदोलन ला बंद करे के बाद ओखर विचारधारा मा बदलाव आइस अउ ओ क्रातीकारी रद्दा मा रेंगिस,ओ "हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन" के सक्रिय सदस्य बन गिस।ए संस्था ले जुड़के राम प्रसाद बिस्मिल के मार्गदर्शन मा 19 अगस्त के काकोरी कांड ला अंजाम दिहिस,अउ फरार होगे।ओखर बाद भगत सिंह के साथ लाहौर मा लाला लाजपत राय के मउत के बदला मा "साण्डर्स "के हत्या कर दिहिस।27 फरवरी 1931 मा इलाहाबाद मा"अल्फ्रेड पार्क"हा ब्रिटानी पुलिस के साथ चन्द्र शेखर आजाद ला घेर लिन अउ एखर बीच गोलीबारी होइस अउ आजाद घायल होगे।चन्द्रशेखर आजाद डटके ओखर मुकाबला करिस अउ ओखर बंदूक मा एक गोली बचे रहिस ता सरेंडर करे के बजाय ओ अपन आप ला गोली मार दिहिस।
6-वीर भगत सिंह
आजादी के लड़ाई मा राजगुरू,सुखदेव अउ भगत सिह के बहुत बड़े योगदान हे।8 अप्रैल 1929 के चन्द्रशेखर आजाद के नेतृत्व मा"पब्लिक सेफ्टी" अउ "ट्रेड डिस्प्यूट बिल"के विरोध मा सेन्ट्रल असेंबली मा बम फेके रहिन।ओखर बाद अंग्रेजी सासन हा एमन के गिरफ्तारी ला
चालू कर दिहिस। 24 मार्च 1931 के तीनो ला फाँसी के सजा सुनाए गिस,फेर पूरा देश एखर विरोध मा रहिस अउ जम्मो क्रांतिकारी मन आंदोलन करत रहिन ए जान के एक दिन पहिली अंग्रेजी सासन हा 23 मार्च 1931 के इन मन ला रातो रात फाँसी चढ़ा दिहिन।

7-सरदार उधम सिह
सरदार उधम सिंह के नांव भारत के आजादी बर पंजाब के क्रांतिकारी के रूप मा जाने जाथे13 अप्रैल1919 मा जलियाँवाला बाग हत्याकांड के समय पंजाब के जनरल गवर्नर ला "माइकल ओ हायर" ला लंडन मा जाके ओला गोली मारिस।अंग्रेज मन ओला गिरफ्तार कर "पेंटनमिले जेल मा 23 मार्च 1931 के फाँसी मा चढ़ा दिहिन।


Wednesday, 5 August 2020

मनहरण घनाक्षरी-गुरुदेव

मनहरण घनाक्षरी - आशा आजाद

गुरुदेव

छंद के विद्वान हावै,छंद गुरु कहलावै,
छंद ज्ञान बाँटत हे,सुघर विचार हे।
छंद के कक्षा चलावै,अमरित बगरावै,
छंद गुरुदेव हा जी,हमर अधार हे।
छंद संस्थापक हावै,साधक के मन भावै,
छंद ज्ञान राज बर,नेक उपहार हे।
छंद के गोठ सियानी,हावै बड़ ओ ज्ञानी,
अरुण निगम जी के,नमन सत्कार हे।।

छंदमयी गोष्ठी होवै,जुरमिल ओमा खोवै,
सुरमयी साज ले,मान ला बढ़ात हे।
छंद साधिका के वाणी,हावै सबो जी कल्याणी,
घर बइठे गुरु सबो,उनला सिखात हे।
छंद छंद छाये हवे,ज्ञान गंगा नित बहे,
गुरु शिष्य परंपरा,सबो अपनात हे।
छंद मा छंदाये हावै,साधक के मन भावै,
छंद परिवार के जी,जग गुन गात हे।।

छंदकार - आशा आजाद
पता - मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़

Monday, 3 August 2020

आभार सवैया

 विधान- 8घाव तगण (221×8)
छंद: आभार सवैया

आधार हावै सबो के ग भैया सबो कार्ड राखै बने देय जी ध्यान ।
फोटो खिचाके अँगूठा लगाके ग आधार वाला बताही सबो ज्ञान।
कोनो दिशा मा चले जाव भैया दिलाही बुता गोठ मोरे सही मान।
आधार रोजी दिलावै सुनौ कार्ड राखै उही ला मिले जानलौ धान।

पौधा लगालौ बड़ा नेक हावै इही सांस देवै चलावै सदा जान।
छैया मिले बैठ जावै सबो जी सदा पेड़ छैया ल देवै सुनौ दान।।
देवै सदा शुद्ध हावा सबो ला धुँआ ले बचावै सबो के इही प्रान।
काहे जलाये बिना सोच काटै बचालौ सबो पेड़ दे दौ इही ध्यान।

पौधा लगालौ बड़ा नेक हावै इही सांस देवै चलावै सदा जान।
छैया मिले बैठ जावै सबो जी सदा पेड़ छैया ल देवै सुनौ दान।।
देवै हवा शुद्ध ताजा रखे जी धुँआ ले बचावै सबो के इही प्रान।
काहे जलाये बिना सोच काटै बचालौ सबो पेड़ दे दौ इही ध्यान।