Monday, 17 August 2020

कुकुभ छंद-शहीद मन के कुर्बानी

कुकुभ छंद - आशा आजाद

शहीद मन के कुर्बानी

देश प्रेम हा लहू लहू मा,दिहिन देश बर कुरबानी।
हिंदुस्तान के आजादी मा,याद रही सब बलिदानी।।

मंगल पांडे खूब लड़िस जी,सच्चा ओ क्रांतीकारी।
स्वतंत्रता संग्रामी बनके,होगे दुश्मन बर भारी।।

बिस्मिल के साहस ला जानौ,धूल ब्रिटिश ला चटाये हे।
तीस साल के उमर रहिस तब ,मरके फरज निभाये हे।।

खुदीराम के साहस बढ़के,जोश अबड़ राखै भारी।
सरकारी दफ्दर मा करदिस,बम के ओ गोला बारी।।

वीर भगत सुखदेव शूर अउ,राजगुरू हे संग्रामी।
अशफाई उल्लाह खान ला,कहिथे सच्चा सेनानी।।

वीर चन्द्रशेखर के साहस,कांड करिस ओ काकोरी।
घायल हो गिस लड़ते लड़ते,छुटिस सांस के तब डोरी।।

कहय लाजपत जेला सबझन,सच्चा ओ क्रांतिकारी।
नाव उधम सिंह साहस रखके,खूब करिस जी बम बारी।।

छंदकार - आशा आजाद
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