सरसी गीत छंद - श्रीमती आशा आजाद
सुघर तिहार हरेली हावै,मनखे सब मुस्काय।
नेक परब के महिमा अब्बड़,गावै खुशी मनाय।।
जम्मो अपने घर ला लीपय,चमकय सबो दुवार।
खुशी मनावय प्रेम भाव ले,सुग्घर दय व्यवहार।।
गैंती राँपा नाँगर सबला,सुग्घर सब चमकाय।
नेक परब के महिमा अब्बड़,गावै खुशी मनाय।
मीठा गुड़ के गुत्तुर चीला,इही रहय पकवान।
पूजा कुलदेवता के करथे,घर के सबो सियान।।
नाचै गावै खेलै कूदै,अब्बड़ धूम मचाय।
नेक परब के महिमा अब्बड़,गावै खुशी मनाय।
फेंकय नरियर जोर जोर ले,सुग्घर खेलय खेल।
मया बाँटथें सब आपस मा,अंतस मा रख मेल।।
जगा जगा हरियाली रहिथे,मन ला अब्बड़ भाय।
नेक परब के महिमा अब्बड़,गावै खुशी मनाय।
तुलसी के चौंरा हा अब्बड़,सुग्घर रहय लिपाय।
नदियाँ के बँजरी ला लाके,देथे उहाँ बिछाय।।
लइका मन सब गेड़ी चढ़के,खुशी म झूमत जाय।।
नेक परब के महिमा अब्बड़,गावै खुशी मनाय।
गेड़ी चढ़के मजा उड़ावय,रहिथे बड़ आनंद।
खुशहाली मा झूमै गावै,आज किसानी बंद।।
पूजा डोली के सब करथे,सुख मा रहय भुलाय।।
नेक परब के महिमा अब्बड़,गावै खुशी मनाय।
छंदकार-श्रीमती आशा आजाद
पता-मानिकपुर,कोरबा,छत्तीसगढ़
Monday, 3 August 2020
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
-
कुकुभ छंद भ्रष्ट नेता नेता अइसे भ्रष्ट हवय गा,अपन जेब ला भरथे जी। वोट मांग के नेता बनगे,लोभ मोह बड़ रखथे जी।। जीत जथे ता नेता मन सब,...
-
भारत सुग्घर देश हवय जी,भ्रूण नाश हत्या रोकौ। बेटी के सब मान रखौ जी,दोष बिना झन ता झोकौ।। बेटी सुग्घर घर ला राखय,मान सबो के जाने जी। घर क...
-
त्रिभंगी छंद - श्रीमती आशा आजाद लक्ष्मण मस्तुरिया,गीत रचइया,देश राज सब,छोड़ दिये। सुग्घर सब बानी,अमिट कहानी,सुग्घर तँय हा,राज किये। अमरित ला...
No comments:
Post a Comment