सुमुखी सवैया-(7घाव जगण)+(लघु+गुरु
कटावत हे बड़ पेड़ सुनौ बन जीव सबो मन रोवत हे।
प्रदूषण बाढ़त रोग लगे सबके नित सेहत खोवत हे।
सरकार करै कुछु काज भला चुपचाप इहूँ मन सोवत हे।
लुकावत चोर बने कतका लकरी वन के सब ढोवत हे।।
जवान मरे दिन रात सुनौ कतका सुन सैनिक रोज मरे।
शहीद हुये बड़ देश म जानव दुश्मन ले नइ कोय डरे। चलावत हे दिन रात म जी नित तानय अस्त्र ल देख धरे।
जवान शहीद हुए तव जी लहरावत हे ध्वज आज हरे।।
नवावँव माथ ल आज सबो भारत माँ बर सैनिक रोज मरे।
शहीद हुये बड़ देश म जानव दुश्मन ले नइ कोय डरे। चलावत हे दिन रात न देखय तानय अस्त्र ल देख धरे।
लगावँव भारत माँ जय ला लहरावत हे ध्वज आज हरे।।
Monday, 3 August 2020
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