Wednesday, 5 August 2020

मनहरण घनाक्षरी-गुरुदेव

मनहरण घनाक्षरी - आशा आजाद

गुरुदेव

छंद के विद्वान हावै,छंद गुरु कहलावै,
छंद ज्ञान बाँटत हे,सुघर विचार हे।
छंद के कक्षा चलावै,अमरित बगरावै,
छंद गुरुदेव हा जी,हमर अधार हे।
छंद संस्थापक हावै,साधक के मन भावै,
छंद ज्ञान राज बर,नेक उपहार हे।
छंद के गोठ सियानी,हावै बड़ ओ ज्ञानी,
अरुण निगम जी के,नमन सत्कार हे।।

छंदमयी गोष्ठी होवै,जुरमिल ओमा खोवै,
सुरमयी साज ले,मान ला बढ़ात हे।
छंद साधिका के वाणी,हावै सबो जी कल्याणी,
घर बइठे गुरु सबो,उनला सिखात हे।
छंद छंद छाये हवे,ज्ञान गंगा नित बहे,
गुरु शिष्य परंपरा,सबो अपनात हे।
छंद मा छंदाये हावै,साधक के मन भावै,
छंद परिवार के जी,जग गुन गात हे।।

छंदकार - आशा आजाद
पता - मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़

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