Monday, 3 August 2020

सरसी छंद गीत-किसान



सरसी छंद गीत-श्रीमती आशा आजाद

ए भुइयाँ मा देव सही हे,सुनलौ हमर किसान।
भूख प्यास के ये मिटोइयाँ,धरती के भगवान।।

मिहनत करके देवय हमला,भरय अन्न भंडार।
उपजावत हे साग अन्न ला,एखर ले संसार।
घर बइठे हम सेवा पाथन,इही हवय जी सान।
ए भुइयाँ मा देव सही हे,सुनलौ हमर किसान।।

आज बड़ा व्याकुल हे जानौ,दुख हा बड़ तड़पाय।
करजा मा बुड़गे हावय जी,पीरा नही मिटाय।
चुप बइठे सरकार आज तो,तँग खेती ले मान।।
ए भुइयाँ मा देव सही हे,सुनलौ हमर किसान।।

करजा जब अब्बड़ हो जाथे,बेचत हावय खेत।
फाँसी मा झूलत हावय सब,तभो करै नइ चेत।
भूख प्यास ले निसदिन मानौ,छूटत इँखर परान।
ए भुइयाँ मा देव सही हे,सुनलौ हमर किसान।।

काला बेचय काला खाये,नही किसानी मोल।
हरलौ दुख पीरा ला जम्मो,सुनलौ सबके बोल।
सुखी रहय जम्मो किसान मन,दयँ इनला सम्मान।
ए भुइयाँ मा देव सही हे,सुनलौ हमर किसान।।

छंदकार-श्रीमती आशा आजाद
पता मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़

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