अमृत ध्वनि छंद-श्रीमति आशा आजाद
सुग्घर सिरजन*
सुग्घर सिरजन सब करौ,करदँव सब उद्धार।
नव मारग मा होय जी,चले कलम के धार।।
चले कलम के-धार होय जी,नित उजियारा।
सुग्घर कविता, गढ़ देवव जी,लागय प्यारा।।
साहित सिरजन,ज्ञान बढ़ावँय,सीखँय सबझन।
नेक सोच ले,कवि मन रचदयँ,सुग्घर सिरजन।।
*नसा नास के जड़ हवय*
दारू पीना छोड़ दे,खुद मा रख विश्वास।
नसा नास के जड़ हवँय,जिनगी झन कर नास।।
जिनगी झन कर-नास कभू गा,रहिबे बचके।
टूट जथे घर, ठेनी झगरा,पीके बमके।।
होही अपजश,तय करले तँय,कइसे जीना।
सब मिलही सुन,छोड़ दिये जे,दारू पीना।।
*जय जय भारत देश*
जय जय भारत देश के, हमर तिरंगा शान।
जम्मो मिलके कहय जी,देश हमर हे जान।।
देश हमर हे,मान अमर हे, हे महतारी।
जान इही हे,रंग तिरंगा,हे चिन्हारी।।
जनमन गावँय,वंदे गावँय,हे एके लय।
जुरमिल गावँव,तान लगालव,भारत जय जय।।
*महाशिवरात्रि*
बमबम भोले बोल रे,काँवर ला तँय थाम।
महाशिवरात्रि आज हे,शंभू के ले नाम।।
शंभू के ले,नाम जगत मा,माथ नवाले।
पूरा होही,तोर कामना,जय जय गाले।।
काँवर धरके,आजा संगे,एके होले।
पार लगाही,बोल तहूँ हा ,बमबम भोले।।
*दाई बनगे मौम*
दाई बनगे मौम जी,बेटा के नव बोल।
जान इंग्लिस बोलथे,गोठ करय बिन तोल।।
गोठ करय बिन-तोल सतावय,गवँइ गाँव मा।
शहरी बाबू, बनगे हावँय,रहय छाँव मा।।
चरन पायलगी,नइ जानय जी,मुश्किल भाई।
नाता जम्मो,भुला गये हे,रोवत दाई।।
*झन काटँव*
काहे काटँव रुख रई,एहा हावँय शान।
सुग्घर हावा देत हे,इही बचावँय प्रान।।
इही बचावँय,प्रान हमर जी,पेड़ लगालव।
जीवन देही,झन काटँव जी,मान बढ़ालव ।।
पउधा लगाँव,जतन करौ सब,सुख ला पावँव।
देही बढ़िया,छाँव जान के,काहे काटँव।।
*बेटी हे अनमोल*
हावय बेटी शान जी,बेटा जइसन मान।
बेटी हा अनमोल हे,समता ला तँय जान।।
समता ला तँय,जान जगत के,हे महतारी।
जीवन देवँय,मान बढ़ावय,ओहय नारी।।
मात-पिता के,जतन सकल कर,सुग्घर पालय।
जनम देत हे,पालन करथे,नारी हावँय।।
सुग्घर सिरजन
सुग्घर सिरजन सब करौ,जग के हो उद्धार।
पढ़के सबझन ज्ञान ले,इही कलम के सार।।
इही कलम के,सार करय जे,नित उजियारा।
सुग्घर कविता,गढ़ देवव जी,लागय प्यारा।।
साहित सिरजन,ज्ञान बढ़ावँय,सीखँय सबझन।
नेक सोच ले,कवि मन रचदयँ,सुग्घर सिरजन।।
छंदकार-श्रीमती आशा आजाद
पता-मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़
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