Tuesday, 22 October 2019

मनहरण घनाक्षरी(कवित्त छंद)

मनहरण घनाक्षरी(कवित्त छंद)

यातायात नियम

सबझन ध्यान धरौं,लापरवाही ले डरौ,
सुग्घर धियान देके,वाहन चलाव जी।।
जीव अनमोल हवै,सुरक्षा के बोल हवै,
यातायात नियम ला,सुघर निभाव जी।।
अनहोनी होवत हे,जिनगी ल खोवत हे,
दुरघटना ले सब,जीव ला बचाव जी।।
नियम के पालन हो,धीर चले वाहन हो,
राह चलै सावधानी,सबो अपनाव जी।।

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