अरविंद सवैया-श्रीमती आशा आजाद
परनाम करौ गुरु पाँव परौ गुण के सँग देवत हे पहिचान।
सब ला सत राह दिखावत हे बरसावत हे किरपा सुख मान।
पढ़ले गुनले सच गोठ सदा धर ले जिनगी बर नेक विधान।
निज काज करौ नित ध्यान धरौ फलदायक हे गुरु के सद ज्ञान।
समभाव धरे हिरदे म सदा नित देश करैं सुन लेव विकास।
अभिमान हवे गुरु नाव रटे जिनगी ल गढ़े बन जावय खास।
बगराइन हे गुरु ज्ञान सदा पढ़लौ गुनलौ पिछला इतिहास।।
गुरु जोत जलावत हे मन भीतर ये जिनगी ल करौं ग उजास।।
छंदकार-श्रीमती आशा आजाद
पता-मानिकपुर,कोरबा,छत्तीसगढ़
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