बरवै छंद-श्रीमति आशा आजाद
छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस
सुग्घर भाखा हावय,अपने जान।
छत्तीसगढ़ी भाखा,हवे महान।।1
गुरतुर मीठा सुनले,एखर बोल।
मनखे जम्मो रस ला,देवय घोल।।2
तोला मोला कहिथे,सुग्घर भाय।
अपन राज के भाखा,गजब सुहाय।।3
छत्तीसगढ़ी भाखा,नेक विचार।
सब मनखे के जानौ,ये आधार।।4
अलग जिला के अलगे,बोली जान।
जम्मो मनखे करथे,जी सम्मान।।5
कोनो आहूँ-जाहूँ,बोलय नेक।
आबो-जाबो बोली,सब हा ऐक।।6
अंतर उच्चारन मा,कतका होय।
छत्तीसगढ़ी सबला,हे संजोय।।7
राज अपन ला बन्दौं,बारंबार।
सुग्घर भाखा बोलव,दव सत्कार।।8
रचनाकार-श्रीमती आशा आजाद
पता-मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़
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