आल्हा छंद - श्रीमती आशा आजाद
कोरोना हे बड़े बीमारी।कहिथे सब कोविड उन्नीस।
बगरावत हे वायरस ल जी।अबड़ महामारी ला दीस।।
चीन देश के ये बीमारी।देश-देश मा बगरिस आज।
लाकडाउन ह होगे हावै।बंद पड़े हे सबके काज।।
नान-नान लइका मन जानै।कोरोना हावै अभिसाप।
घर के भीतर बइठे हावै।सब छोड़िन जी मेल मिलाप।।
भारत के मनखे मन ज्ञानी।जुरमिल मनखे देवै साथ।
ईश्वर ला नित घर मा पूजै।जम्मो टेकत हावै माथ।।
दूर भगे जी ये बीमारी।अनुसासन के रखलौ ध्यान।
पुलिस प्रसासन करे सुरक्षा।हिरदे ले उनला सम्मान।।
डाक्टर के सेवा ला मानौ।देत हवे सब जीवन दान।
मानवता के भाव धरे हे।नर्स सबो मन हवे महान।।
मास्क लगाना जिम्मेदारी।समझौ मनखे नेक सुजान।
एक हाथ के दूरी राखौ।बचही तब मनखे के प्रान।।
अनुसासन के पालन करलौ।धरलौ थोरक मन मा धीर।
लाकडाउन ले मिट जाही जी।बीमारी हावै गंभीर।।
छंदकार - श्रीमती आशा आजाद
पता - मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़
Saturday, 18 April 2020
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