Saturday, 18 April 2020

चौपाई छंद

चौपाई छंद - श्रीमती आशा आजाद

संविधान के दिन हे आये, शुभ दिन ला सब आज मनाये।
बाबा अम्बेडकर ल जानौ, सब ले बड़का ज्ञानी मानौ।।

जात-पात के भेद मिटाके, सब मनखे ला नित अपनाके।
संविधान ले देश चलावौ, समता के अब भाव जगावौ।।

संविधान भारत के जानौ, कर्म ल अपने सुग्घर जानौ।
मत डारे के हक दिलवाए, मनखे-मनखे गुन ला गाये।।

नारी के सम्मान बढ़े जी, संविधान मा जेन गढ़े जी।
ऊँच-नीच ला झन अपनावौ, भाईचारा मन मा लावौ।।

भीमराव जी राहिन हीरा,दीन हीन के समझिन पीरा।
बाबा बौद्ध धरम अपनाके,पीर हरिन माटी मा जाके।।

संविधान ले सुमता आही, जात पात नइ राहै काही।
सुग्घर भारत अपने होही, शिक्षा के सब बीज ल बोही।।

विश्व म सबले बड़के ज्ञानी, अइसन कर दिन आज सयानी।
हिरदे मा सत्कार भरे हे, भारत के उद्धार करे हे।।

छंदकार - श्रीमती आशा आजाद
पता - मानिकपुर, कोरबा छत्तीसगढ़

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